महाराष्ट्र शासनाचे सचिव (FDI व प्रवासी भारतीय) तथा मुख्य प्रोटोकॉल अधिकारी डॉ. राजेश गावंडे, IFS, SUMFLEX 2026, मुंबई येथे Algae Products International Ltd (UK/कतार) चे संचालक व CFO शेख अब्दुल्ला अल-थानी यांच्याशी चर्चा करताना. दोन्ही पक्षांनी महाराष्ट्राच्या औद्योगिक क्षेत्रात शैवाल-आधारित कार्बन कॅप्चर तंत्रज्ञानाच्या संभाव्य उपयोजनाची चाचपणी केली.

शैवाल-आधारित Carbon Capture तकनीक से महाराष्ट्र में औद्योगिक निवेश की संभावना


वरिष्ठ राज्य अधिकारी ने UK-कतर कंपनी से विस्तृत चर्चा की; Photobioreactor तकनीक द्वारा औद्योगिक CO₂ उत्सर्जन को वाणिज्यिक उत्पादों में बदलने की संभावना तलाशी; महाराष्ट्र हरित औद्योगिक नवाचार का केंद्र बनने की राह पर


मुंबई, जून 2026 — विशेष व्यापारिक रिपोर्ट


SUMFLEX 2026 — मुंबई की वार्षिक न्यूट्रास्यूटिकल एवं फ़ंक्शनल इंग्रीडिएंट्स सम्मेलन — के दौरान महाराष्ट्र के वरिष्ठ विदेशी निवेश अधिकारी ने यूनाइटेड किंगडम और कतर स्थित एक जैवप्रौद्योगिकी कंपनी के निदेशक के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। शैवाल-आधारित (Algae-based) Carbon Capture और Circular Economy समाधानों में विशेषज्ञ इस कंपनी के साथ हुई यह बैठक अगली पीढ़ी की ततकालीन तकनीकों के प्रति राज्य सरकार की बढ़ती रुचि का प्रमाण है।


महाराष्ट्र सरकार के सचिव (सीधा विदेशी निवेश एवं प्रवासी भारतीय) तथा मुख्य प्रोटोकॉल अधिकारी डॉ. राजेश गावंडे, IFS, ने Algae Products International Ltd के निदेशक और मुख्य वित्तीय अधिकारी शेख अब्दुल्ला अल-थानी से भेंट की। दोनों पक्षों ने कंपनी की स्वामित्व वाली Photobioreactor तकनीक के महाराष्ट्र के औद्योगिक क्षेत्र में संभावित उपयोजन की संभावनाएं तलाशीं।

चर्चा के केंद्र में तकनीक
शेख अब्दुल्ला अल-थानी ने Algae Products International के मूल तकनीकी प्लेटफ़ॉर्म का प्रस्तुतिकरण किया। इस प्रणाली में Photobioreactors में संवर्धित शैवाल (Algae) औद्योगिक उत्सर्जन स्रोतों से सीधे कार्बन डायऑक्साइड (CO₂) अवशोषित करते हैं। यह प्रणाली अन्य औद्योगिक प्रदूषकों के नियंत्रण के साथ ही अवशोषित Biomass को मूल्यवान वाणिज्यिक उत्पादों में परिवर्तित करती है — पर्यावरणीय अनुपालन और आर्थिक मूल्य निर्माण को एकसाथ साधने वाला अनोखा मॉडल।
यह तकनीक यूनाइटेड किंगडम के औद्योगिक वातावरण में संचालित बताई जाती है और कंपनी वैश्विक विस्तार के अवसरों का मूल्यांकन कर रही है। महाराष्ट्र, अपने सघन औद्योगिक आधारभूत ढांचे, सुस्थापित बंदरगाह संपर्क और सक्रिय निवेश सुविधा ढांचे के कारण, इस चर्चा में तकनीकी उपयोजन के लिए एक संभावित गंतव्य के रूप में उभरा।
डॉ. गावंडे ने महाराष्ट्र की निवेश परिसंम, औद्योगिक नीतियां, स्थिरता लक्ष्य, व्यापार सुगमता सुधार और राज्य की रणनीतिक प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रस्तावों के लिए उपलब्ध संस्थागत समर्थन की जानकारी दी।

2.महाराष्ट्र सरकार के सचिव (FDI एवं प्रवासी भारतीय) डॉ. राजेश गावंडे, IFS, SUMFLEX 2026, मुंबई में उद्योग प्रतिभागियों के साथ संवाद करते हुए। यह सम्मेलन महाराष्ट्र की FDI सुविधा टीम के लिए वैश्विक न्यूट्रास्यूटिकल, फार्मास्यूटिकल एवं स्थिरता-केंद्रित निवेशकों से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच बना।

महाराष्ट्र का हरित निवेश अभियान
यह बैठक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र सरकार द्वारा अपनाई गई व्यापक रणनीतिक दिशा का प्रतिबिंब है। राज्य के दीर्घकालिक विकास एजेंडे के केंद्र में तत्कालीन औद्योगिकीकरण को स्थान दिया गया है।
महाराष्ट्र ने वैश्विक रणनीतिक निवेशों की सक्रिय रूप से पहचान करने, आकर्षित करने और सुगम बनाने के लिए समर्पित FDI एवं प्रवासी भारतीय विभाग की स्थापना की है — देश में यह एक संस्थागत नवाचार है। डॉ. राजेश गावंडे, भारतीय विदेश सेवा (IFS) से राज्य सरकार में सीधे FDI सुविधाकरण के लिए प्रतिनियुक्त किए गए, देश में राज्यस्तरीय विदेशी निवेश भूमिका के लिए नियुक्त पहले IFS अधिकारियों में से एक हैं।
विकसित महाराष्ट्र 2047 के अंतर्गत राज्य के विकास आरेखा में हरित उर्जा परिवर्तन, कार्बन कमी, जलवायु-सहनशील उत्पादन और उच्च-मूल्य नवाचार परिसंमों के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य शामिल हैं। 2070 तक Net Zero कार्बन उत्सर्जन हासिल करने की भारत की प्रतिबद्धता ने ऐसा नीतिगत वातावरण बनाया है जिसमें राज्य सरकारें तत्कालीन निवेशों को आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।

Circular Economy और वाणिज्यिक व्यवहार्यता
Algae Products International मॉडल की एक मुख्य विशेषता इसका दोहरा मूल्य प्रस्ताव है: पर्यावरणीय और आर्थिक। Carbon Capture को केवल अनुपालन लागत मानने की बजाय, कंपनी का दृष्टिकोण अवशोषित औद्योगिक CO₂ को Algal Biomass में परिवर्तित करता है, जिसे बाद में वाणिज्यिक घटकों में प्रसंस्करित किया जाता है — Nutraceuticals, पशु आहार, जैव इंधन और जैवरसायनों में संभावित उपयोग सहित।
चर्चाएं शोधात्मक प्रकृति की थीं, कोई औपचारिक निवेश प्रतिबद्धता घोषित नहीं की गई। दोनों पक्षों ने इस संवाद को भविष्य की निवेश संभावनाओं की जाँच की पहली सीढ़ी बताया।

FDI संवाद के मंच के रूप में SUMFLEX 2026
SUMFLEX 2026 राज्य सरकारी अधिकारियों के लिए वैश्विक उद्योग भागीदारों से संवाद साधने का एक महत्वपूर्ण मंच बन रहा है। डॉ. गावंडे की सहभागिता महाराष्ट्र की क्षेत्रीय उद्योग आयोजनों में निवेश सुविधाकरण को संगठित करने की रणनीति का प्रतिबिंब है — पारंपरिक निवेश शिखर सम्मेलनों से परे संभावित साथीदारों का जाल विस्तारित करना।

प्रमुख उद्धरण
“महाराष्ट्र न केवल आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण, बल्कि हमारे स्थिरता लक्ष्यों के अनुरूप निवेशों को आकर्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। ये तकनीकें जो Circular Economy मॉडल के जरिए नए आर्थिक मूल्य निर्माण करते हुए औद्योगिक कार्बन उत्सर्जन को संबोधित करती हैं, वही उपाय हैं जिन्हें हम राज्य के लिए मूल्यांकन करना चाहते हैं।”
— डॉ. राजेश गावंडे, IFS, सचिव (FDI और प्रवासी भारतीय) तथा मुख्य प्रोटोकॉल अधिकारी, महाराष्ट्र सरकार

“भारत, और विशेष रूप से महाराष्ट्र, औद्योगिक गतिविधि की व्यापकता और तत्कालीनता पर बढ़ते नीतिगत जोर के कारण हमारी तकनीक के लिए एक आकर्षक अवसर प्रस्तुत करता है। हमने अपनी चर्चा में विविध तैनाती संभावनाओं की जाँच की और इस दिशा में आगे अध्ययन करने की प्रतीक्षा है।”
— शेख अब्दुल्ला अल-थानी, निदेशक और CFO, Algae Products International Ltd (UK/कतर)


“SUMFLEX 2026 की संकल्पना विज्ञान, उद्योग और नीति के संगम के मंच के रूप में की गई थी। इस सम्मेलन के दौरान महाराष्ट्र के वरिष्ठ FDI अधिकारी को वैश्विक तत्कालीन तकनीकी कंपनियों से सीधे जुड़ते देखना वही है जो हम चाहते थे। यह उदाहरण है कि एक न्यूट्रास्यूटिकल उद्योग सम्मेलन व्यापक औद्योगिक निवेश संवाद का उत्प्रेरक कैसे बन सकता है।”
— अमित श्रीवास्तव, संस्थापक, Nutrify Today और आयोजक, SUMFLEX 2026

यह महत्वपूर्ण क्यों है?
◆ महाराष्ट्र भारत की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और FDI का प्रमुख गंतव्य है — राज्यस्तरीय तत्कालीनता नीति भारत की व्यापक जलवायु रणनीति का एक महत्वपूर्ण उपकरण है।
◆ शैवाल-आधारित Carbon Capture उदीयमान औद्योगिक जलवायु तकनीक है जिसमें उत्सर्जन कमी से राजस्व उत्पन्न करने वाले सीधे वाणिज्यिक उपयोग हैं।
◆ महाराष्ट्र का समर्पित FDI एवं प्रवासी भारतीय विभाग एक संरचित निवेश सुविधाकरण दृष्टिकोण का संकेत देता है जो अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को केंद्रीय ढांचे से अधिक सुलभ लगता है।
◆ यदि तैनात किया जाए, तो एसी तकनीक महाराष्ट्र के कार्बन कमी लक्ष्यों में योगदान दे सकती है और जैवसामग्री, जैवरसायनों और विशेष घटकों में नई औद्योगिक मूल्य श्ृंखला निर्माण कर सकती है।
◆ यह बैठक विकसित भारत 2047 और Net Zero वचनबद्धता के अनुरूप, औद्योगिक व्यापकता और तत्कालीन नवाचार के छेदनबिंदु पर महाराष्ट्र की स्थिति का उदाहरण है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *